नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन विधेयक, 2019 को संसद ने मंजूरी दे दी है. जिसके बाद इसे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा. विधेयक के पक्ष में 125 और विरोध में 105 वोट पड़े. वहीं गुरुवार को नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका दाखिल हो गई है. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के चार सांसदों ने अपनी याचिका में कहा कि धर्म के आधार पर वर्गीकरण की संविधान इजाजत नहीं देता. ये बिल संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है, इसलिए इस विधेयक को रद्द किया जाए.
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इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने अपनी याचिका में कहा, ‘ नागरिकता संशोधन बिल संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत ट्वीन टेस्ट पर खरा नहीं उतरता है. धर्म के आधार पर वर्गीकरण को संविधान की मूल भावना के खिलाफ है. ये विधेयक संविधान में वर्णित सेक्युलरिज्म के मूल सिद्धांतों का हनन करता है.’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील कपिल सिब्बल मुस्लिम लीग की ओर से मामले की पैरवी करेंगे. बता दें कि लीग ने पहले ही कहा था कि अगर ये विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो जाता है, तो आईयूएमएल इसे कोर्ट में चुनौती देगी.
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