नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को उनकी गिरफ्तारी पर बड़ी राहत दी है. अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी है. साथ ही असम, लखनऊ और वाराणसी में दर्ज एफआईआर को एक ज्यूरिडिक्शन में लाने के लिए कहा है. कोर्ट ने कहा कि तीनों FIR की सुनवाई एक जगह होगी. यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने दिया. कोर्ट ने असम और यूपी सरकार को भी नोटिस जारी किया है. साथ ही तीन जगह दर्ज केस को एक न्याय क्षेत्र में लाने को लेकर सवाल किया है.
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दरअसल, अभिषेक मनु सिंघवी की याचिका पर गुरुवार की दोपहर तीन बजे सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई. असम सरकार की तरफ से एएसजी एश्वर्या भाटी ने मामले की पैरवी की. वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पवन खेड़ा को अंतरिम राहत देने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी. सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पवन खेड़ा ने मांफी मांगी है. यह भी बताया कि जुबान फिसलने के कारण उनसे यह गलती हुई थी. बता दें कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा गुरुवार को रायपुर जा रहे थे. रायपुर में 24 फरवरी से कांग्रेस का अधिवेशन शुरू हो रहा है. खेड़ा दिल्ली एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान में बैठे थे, तभी उन्हें नीचे उतारा गया. बाद असम पुलिस ने पहले हिरासत में फिर गिरफ्तार कर लिया.
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