बागबाहरा. ओड़िशा से लौटे दर्जनभर मजदूरों को प्राथमिक शाला भवन में क्वॉरंटाइन के तहत ठहराया गया है पर उनके भोजन की व्यवस्था पंचायत द्वारा नहीं की जा रही है. लिहाजा परिजन ही मजदूरों के लिए भोजन पहुंचा रहे हैं. एसडीएम भागवत जायसवाल ने कहा कि- भोजन की व्यवस्था न प्रशासन करेगा न ग्राम पंचायत. घर वालों के बुलाने पर मजदूर लौटे हैं तो भोजन की व्यवस्था भी वही करें. जानकारी के मुताबिक तुपकबोरा पंचायत के आश्रित ग्राम मुड़ागांव के दर्जनभर मजदूर मंगलवार दोपहर 3 बजे मुड़ागांव पहुंचे. मजदूरों के आने की सूचना सरपंच ने अधिकारियों को दी. खबर पाकर अधिकारियों ने मुड़ागांव पहुंचकर सभी मजदूरों को प्राथमिक शाला भवन में क्वॉरंटाइन के तहत ठहराया. क्षेत्र के ग्राम सराईपाली, सम्हर, कोटनपाली, बिराजपाली तथा मुड़ागांव के मनरेगा कार्यस्थल पहुंचे जनपद अध्यक्ष स्मिता चंद्राकर, पिलेश्वर पटेल, सांसद प्रतिनिधि हितेश चंद्राकर को ग्रामीणों ने उक्त आशय की जानकारी दी.
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अध्यक्ष ने इस प्रकार की व्यवस्था पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि जरा सी लापरवाही पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है. अध्यक्ष ने सरपंच को निर्देशित किया कि मजदूरों की भोजन व्यवस्था अलग से पंचायत की तरफ से कराई जाए और क्वॉरंटाइन किए गए मजदूरों से मिलने-जुलने पर सख्त पाबंदी लगाई जाए. अध्यक्ष ने प्रशासन से कहा है कि महासमुंद जिले से व्यापक पैमाने पर मजदूर ओड़िशा, यूपी, तामिलनाडु, महाराष्ट्र तथा पंजाब पलायन पर गए हैं उनके आने का सिलसिला शुरु हो गया है लिहाजा अभी से सावधानी जरूरी है. मुड़ागांव में क्वॉरंटाइन पर रखे गए मजदूरों के खाने-पीने की व्यवस्था पृथक से की जाए. ब्लॉक के सभी ग्राम पंचायत के सचिव को आदेशित किया जाए कि पलायन से लौटने वाले मजदूरों पर नजर रखी जाए और क्वॉरंटाइन के लिए स्थान भी चिन्हांकित कर लिया जाए ताकि हम त्वरित व्यवस्था कर सकें.
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