नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लगातार चौथी बार संसद में आम बजट पेश किया. वित्त मंत्री ने लगातार दूसरी बार पेश किए गए पेपरलेस बजट में अलग-अलग क्षेत्रों में कई आर्थिक आबंटन किए, लेकिन उन्होंने टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया और मिडिल क्लास को कोई राहत नहीं दी. बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमणने बताया कि आखिरकार टैक्स स्लैब में कोई बदलाव क्यों नहीं किया गया और लोगों को क्यों राहत नहीं दी गई. उन्होंने महाभारत के एक श्लोक का उदारहण दिया और कहा कि राजा को किसी भी प्रकार की ढिलाई न करते हुए और धर्म के अनुरूप करों का संग्रहण करना चाहिए.
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निर्मला सीतारमण ने डायरेक्ट टैक्स के बारे में ऐलान करने से पहले महाभारत के शांति अध्याय 72 के 11वें श्लोक का जिक्र किया. इसमें कहा गया है कि राजा को लोगों के योगक्षेम के लिए, मतलब उनके कल्याण के लिए प्रयास करते रहना चाहिए. वित्त मंत्री ने कहा- ‘दापयित्वाकरंधर्म्यंराष्ट्रंनित्यंयथाविधि. अशेषान्कल्पयेद्राजायोगक्षेमानतन्द्रितः॥११॥’ यानी ‘राजा को किसी भी प्रकार की ढिलाई न करते हुए और धर्म के अनुरूप करों का संग्रहण करने के साथ-साथ, राज धर्म के अनुसार शासन करके लोगों के योगक्षेम (कल्याण) के लिए अवश्य व्यवस्थाएं करनी चाहिए. इनकम टैक्स नियमों पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि आयकर नियमों में बड़े सुधार किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि टैक्सपेयर को अपडेटेड रिटर्न भरने का मौका मिलेगा.
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