नई दिल्ली. आईसीसी ने मंगलवार को उन नियमों की सूची जारी की है जो 1 अक्टूबर 2022 से बदलने वाले हैं. इनमें स्ट्राइक लेने से लेकर डेड बॉल, नो बॉल, पेनल्टी रन जैसे कई पॉइंट्स पर नियमों में फेरबदल हुए हैं. इसके साथ ही कोविड-19 के दौर से शुरू हुए सलाइवा बैन को आगे भी बरकरार रखे जाने का फैसला किया गया है.
– बल्लेबाज के कैच आउट होने पर भी नया बैटर स्ट्राइक पर आएगा. अभी तक ऐसा होता था कि कैच के दौरान स्ट्राक बदलने पर नया बल्लेबाज दूसरे छोर पर आता था.
– कोविड-19 महामारी के फैलने के बाद जब क्रिकेट शुरू हुआ था तो लार पर अस्थायी रूप से बैन लगाया गया था, मगर अब लार को परमानेंट बैन कर दिया गया है.
– नए बल्लेबाज को टेस्ट और वनडे में स्ट्राइक दो मिनट में लेनी होगी, वहीं टी20 में इसकी समय सीमा 90 सेकंड की है. पहले बल्लेबाज के आउट होने के बाद नए खिलाड़ी को टेस्ट और वनडे में तीन मिनट का समय मिलता था. अगर बल्लेबाज ऐसा करने में असफल रहता है तो फील्डिंग कप्तान टाइम आउट की मांग कर सकता है.
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– अगर गेंद पिच से बाहर गिरती है तो नए नियम के तहत बल्लेबाज के बल्ले का कुछ हिस्सा या उसके पिच के भीतर रहने पर उसे गेंद को खेलने का अधिकार होगा. उसके बाहर जाने पर अंपायर डेड गेंद का इशारा करेंगे. पिच छोड़ने के लिए मजबूर करने वाली कोई भी गेंद नोबॉल होगी.
– गेंदबाज के बॉल फेंकने के दौरान अगर कोई अनुचित और जानबूझकर किसी तरह की मूवमेंट की जाती है तो उसे अंपायर द्वारा डेड बॉल दिया जाएगा, इसके अलावा बल्लेबाजी टीम को 5 रन पेनल्टी के रूप में मिलेंगे.
– यदि कोई गेंदबाज अपनी डिलीवरी स्ट्राइड में प्रवेश करने से पहले स्ट्राइकर को रन आउट करने के प्रयास में गेंद फेंकता है तो वह अब डेड बॉल होगी. यह एक अत्यंत दुर्लभ सेनेरियो है, जिसे अब तक नो बॉल कहा जाता रहा है.
– टी20 की तरह अब वनडे क्रिकेट में भी तय समय पर ओवर पूरे ना किए जाने पर फील्डिंग टीम को एक अतिरिक्त फील्डर 30 गज के घेरे के अंदर रखना होगा.
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