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क्वारंटाइन सेंटर का जायजा लेने गए नेताओं को बनाया बंधक, रैपिड टेस्ट कराने के बाद छोड़ा!

Published on: June 5, 2020
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महासमुंद. क्वारंटाइन सेंटर में व्यवस्था का जायजा लेने गए भाजपा नेताओं को शुक्रवार शाम घंटों बंधक बनाए जाने की चर्चा जंगल में आग की तरह फैल गई. मिली जानकारी के मुताबिक शाम साढ़े 4 बजे कलेंडा (सिंघोड़ा) क्वारंटाइन सेंटर में भाजपा जिलाध्यक्ष रूपकुमारी चौधरी, महासमुंद के पूर्व विधायक डॉ विमल चोपड़ा, सरायपाली के पूर्व विधायक रामलाल चौहान, भाजपा जिला उपाध्यक्ष विपिन उबोवेजा, भाजयुमो जिलाध्यक्ष धनेश नायक, वरिष्ठ भाजपा नेता कामता पटेल, केदुआ मंडल अध्यक्ष संजय डड़सेना सहित उनके कुछ साथी सेंटर के अंदर बंद रहे और बाहर पुलिस जवानों का पहरा लगा रहा. रैपिड टेस्ट के बाद इन्हें छोड़ा गया.

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एसडीएम ने बताया कि जिन लोगों ने क्वारंटाइन सेंटर के अंदर प्रवेश किया है उनकी खुद की सेहत के लिए और बाकी तमाम लोगों की सेहत के लिए स्वास्थ्य अमले को बुलाकर सभी का रैपिड टेस्ट कराया गया है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा सबकी जांच के बाद क्वॉरंटाइन सेंटर के अंदर प्रवेश करने वाले 12 लोगों को 14 दिनों तक होम क्वारंटाइन रहने की हिदायत देकर छोड़ा गया. इस मामले में महासमुंद के पूर्व विधायक वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. विमल चोपड़ा ने कहा कि कलेंडा के क्वारंटाइन सेंटर में व्यवस्था का जायजा लेने गए थे. ताला खुला था, दरवाजे पर कोई नहीं था. सेंटर में हमने सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए चर्चा की उपरांत एक घर में बैठे थे.

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तभी पुलिस वाले ने कहा- एसडीएम साहब आप लोगों को चर्चा करने बुला रहे हैं. हम वहां गए तो एसडीएम ने कहा- अंदर चलिए, तो हम चले गए. पश्चात 4 घंटे तक हमें क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया. रैपिड टेस्ट के बाद हम सभी को जाने कहा गया. क्वारंटाइन सेंटर की अव्यवस्था उजागर होने के भय से इस तरह का हथकंडा अपनाया जा रहा है. उक्त सेंटर में कुछ दिन पहले एक महिला की मौत हुई थी. उक्त महिला सिकलीन पीड़ित थीं. उनके दो बच्चों को अब भी भीषण गर्मी के बावजूद वहीं रखा गया है जबकि उन्हे अस्पताल की नर्सरी में रखना चाहिए.

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