बागबाहरा. कोरोना से बचाव हेतु जनपद अध्यक्ष स्मिता हितेश चंद्राकर ने कलेक्टर को पत्र जारी कर सुझाव दिया है कि क्षेत्र के प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के साथ कोरोना संक्रमण का विस्तार हो रहा है ऐसे में जरूरी है कि सतर्कता और बढ़ा दी जाए. प्रवासी मजदूरों को गांव घर तक पहुंचाने ब्लॉक स्तर पर नियंत्रण केंद्र की व्यवस्था के साथ एक पृथक नंबर जारी किया जाए और निर्धारित सैनिटाइजरित ट्रालीयुक्त (छोटा हाथी, पिकअप) जैसे वाहनों की व्यवस्था की जाए जिसमें ड्राइवर भी सुरक्षित रहे. ऐसे ही मजदूरों को क्वारंटाइन सेंटर तक पहुंचाया जाए और निर्धारित वाहनों से ही पहुंचे मजदूरों को क्वारंटाइन सेंटर में प्रवेश दिया जाए. बस व ट्रक से वापस आ रहे अधिकतर मजदूर परिवार सहित एक ही मोटरसाइकिल में गांव के क्वारंटाइन सेंटर तक पहुंच रहे हैं.
http://छत्तीसगढ़ में मिले कोरोना के 44 और नए मरीज, अब 639 एक्टिव केस
ऐसी स्थिति में संक्रमण परिवार के सदस्य के माध्यम से गांव में आम लोगों के बीच पहुंच सकता है. ब्लॉक मुख्यालय बागबाहरा सहित क्षेत्र में अचानक कोरोना संक्रमण बढ़ने से जनता चिंतित है. उन्होने कहा है कि क्वारंटाइन सेंटर में दाखिल लोगों के लिए प्रशासन या पंचायत के माध्यम से भोजन निर्माण का प्रबंध हो. देखने में आ रहा है कि है कि घर परिवार से भोजन या अन्य जरूरत की सामग्री का आदान-प्रदान हो रहा है. कहीं-कहीं पर क्वारंटाइन सेंटर से मजदूर बाहर निकलकर आवश्यक सामग्री खरीद रहे हैं. इसलिए चावल छोड़कर अन्य सामग्री के लिए शासन से या पंचायत की मूलभूत या 14वें वित्त की राशि से निर्धारित मापदंड में खर्च करने का निर्देश जारी किया जाए ताकि सरपंच व अन्य जनप्रतिनिधि जवाबदारीपूर्वक क्वारंटाइन सेटर का नियंत्रण व संचालन कर सकें.
http://विश्व पर्यावरण दिवस पर विधायक ने किया पौधरोपण, कहा- पर्यावरण की सुरक्षा, हम सभी की सुरक्षा
अभी तक धनराशि के अभाव में सरपंच मात्र औपचारिकता निभा रहे हैं. इसी तरह क्वारंटाइन सेंटर में गर्भवती महिलाओं एवं 10 वर्ष की आयु सीमा से कम उम्र के बच्चों के लिए भीषण गर्मी को देखते हुए कुलर-पंखा की व्यवस्था अनिवार्य रुप से कराई जाए. क्वारंटाइन सेंटर में भी स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था कराई जाए ताकि किसी के स्वास्थ्य खराब होने पर शासन द्वारा चिन्हांकित स्वास्थ्य केन्द्र में इलाज हेतु तत्काल भेजा जा सके. क्वारंटाइन सेंटर में ठहराए गए मजदूरों के भोजन, स्नान और शयन की उचित व्यवस्था की जानी चाहिए. चूंकि प्रदेश के अधिकांश मजदूर उत्तरप्रदेश ईंट भट्ठा काम करने गए हैं 15 जून से उनकी घर वापसी प्रारंभ होगी उससे पहले ग्रामीण क्षेत्र के सभी क्वारंटाइन सेंटर में व्यवस्था की जानी चाहिए.







