नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले पर सभी पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कर दी हैं. बंद चैंबर में पांच जजों की संवैधानिक बेंच ने 18 अर्जियों पर सुनवाई की और सभी याचिकाएं खारिज कर दी गईं. इस मामले में 9 याचिकाएं पक्षकार की ओर से, जबकि 9 अन्य याचिकाकर्ता की ओर से लगाई गई थी. इन याचिकाओं की मेरिट पर भी विचार किया गया था. इससे पहले निर्मोही अखाड़े ने भी पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का फैसला किया. निर्मोही अखाड़े ने अपनी याचिका में कहा कि फैसले के एक महीने बाद भी राम मंदिर ट्रस्ट में उनकी भूमिका तय नहीं हुई है. कोर्ट इस मामलें में स्पष्ट आदेश दे. लेकिन अब उनकी याचिकाएं खारिज कर दी गई हैं.
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सीजेआई एस ए बोबड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने ये फैसला सुनाया. संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना शामिल थे. पहले इस बेंच में जस्टिस रंजन गोगोई भी थे, लेकिन उनके रिटायर्मेंट के बाद उनकी जगह जस्टिस संजीव खन्ना को शामिल किया गया था. एआईपीएलबी के जफरयाब जिलानी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा हमारी याचिका को खारिज किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है. हम अभी नहीं कह सकते कि हमारा अगला कदम क्या होगा. हम अपने वरिष्ठ वकील राजीव धवन से सलाह मश्विरा करेंगे.
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