नई दिल्ली. बिहार के भागलपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां देवी काली को खुश करने के लिए एक शख्स ने कथित रूप से अपने 10 साल के भतीजे की बलि चढ़ा दी. पुलिस के मुताबिक अपनी संतान के लिए चाचा ने दीवाली की रात अपने भतीजे की बलि चढ़ा दी. आरोपी चाचा शिवनंदन विभाष मंडल नाम के एक तांत्रिक के सम्पर्क में था. तांत्रिक ने उसे दीपावली की रात कद्दू और घर के ही किसी बच्चे की नरबलि देने की सलाह दी थी. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि तांत्रिक ने शिवनंदन को संतान होने का दावा किया था. लेकिन एक शर्त रखी कि अगर वो अपने किसी रिश्तेदार के बच्चे की बलि दे तो उसे जरूर संतान की प्राप्ति होगी. चाचा शिवनंदन रविदास की नजर सबसे पहले अपने भतीजे कन्हैया पर गई जो तीसरी कक्षा का छात्र था.
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तांत्रिक की बातों में आकर ही उसने दीपावली की रात भतीजे को पटाखा दिलाने के बहाने बाहर ले गया गया और गांव के बाहर बांसवाड़ी में बलि दे दी. जब देर रात तक कन्हैया नहीं लौटा तो उसकी मां ने काफी खोजबीन की. लेकिन कुछ पता नहीं चला. फिर सुबह ग्रामीणों ने बांसवाड़ी में कन्हैया की सिर कटी हुई लाश देखी. उसी जगह पर एक कद्दू भी कटा हुआ था. पुलिस का कहना है कि आरोपी चाचा ने बांसवाड़ी के जानकर में तंत्र क्रिया की. उसने पहले कद्दू को धारदार हथियार से काटा फिर भतीजे का भी सिर धड़ से अलग कर दिया. पुलिस ने चाचा और तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है.
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