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किसानों से लेकर मकान खरीदारों तक को राहत, जानिए मोदी सरकार की 12 घोषणाएं

Published on: November 12, 2020
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नई दिल्ली. मोदी सरकार ने 2.65 लाख करोड़ रुपए का एक और राहत पैकेज देने का ऐलान किया है. आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की शुरुआत की गई है ताकि नए रोजगार का सृजन हो सके. इसमें कॉरपोरेट से लेकर किसान तक, रियल एस्टेट से लेकर परेशान सेक्टर तक सबको राहत देने की कोशिश की गई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत 3.0 के तहत 12 घोषणाएं की गई हैं.

उन्होंने बताया कि आज का पैकेज कुल 2,65,080 करोड़ रुपए का है. अब तक सरकार कुल चार बार कुल 29,87,641 करोड़ रुपए का पैकेज दे चुकी है. यह जीडीजीपी का करीब 15 फीसदी है. इसमें सरकार का खर्च जीडीपी का 9 फीसदी है और बाकी रिजर्व बैंक का है.

इसका लक्ष्य यह है कि ज्यादा से ज्यादा कर्मचारी ईपीएफओ से जुड़ें और पीएफ का फायदा उठाएं. ऐसे कर्मचारी जो पहले पीएफ के लिए रजिस्टर्ड नहीं थे और उनकी तनख्वाह 15 हजार से कम है तो उनको इस योजना का लाभ मिलेगा. जो लोग अगस्त से सितंबर तक नौकरी में नहीं थे, लेकिन उसके बाद पीएफ से जुड़े हैं उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा. यह योजना 30 जून 2021 तक लागू रहेगी.

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सरकार दो साल तक 1000 तक की संख्या वाले कर्मचारियों वाले संस्थाओं को नई भर्ती वाले कर्मचारियों के पीएफ का पूरा 24 फीसदी हिस्सा सब्सिडी के रूप में देगी. यह 1 अक्टूबर 2020 से लागू होगा. 1000 से ज्यादा कर्मचारियों वाले संस्थान में नए कर्मचारी के 12 फीसदी पीएफ योगदान के लिए सरकार 2 साल तक सब्सिडी देगी. इसमें लगभग 95 फीसदी संस्थान आ जाएंगे और करोड़ों कर्मचारियों को फायदा होगा.

सरकार ने 3 लाख करोड़ रुपए की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) स्कीम की डेट बढ़ाकर 31 मार्च 2021 तक कर दी  है.उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के तहत ईसीएलजीस स्कीम के तहत 61 लाख लोगों ने लाभ उठाया है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उन्होंने कहा कि कामत समिति की सिफारिश के आधार पर 26 परेशान सेक्टर की पहचान की गई है. इनके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र को भी शामिल किया गया है.इन सेक्टर के लिए इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम 2.0 शुरू की जा रही है. इसका फायदा एमएसएमई सेक्टर को भी मिलेगा. इसमें 50 करोड़ से 500 करोड़ रुपए तक की कर्जधारक कंपनियों को एक साल तक का मोरेटोरियम दिया जाएगा. यह योजना 31 मार्च 2021 तक लागू रहेगी.

पीएम शहरी आवास योजना के लिए 18 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है. इससे कुल 30 लाख मकानों को फायदा होगा. यह बजट में घोषित 8 हजार करोड़ रुपए के अतिरिक्त होगा. इसमें 78 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

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निर्माण और बुनियादी ढांचा सेक्टर की कंपनियों को अब कॉन्ट्रैक्ट के लिए परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के रूप में 5 से 10 फीसदी की जगह सिर्फ 3 फीसदी रकम रखनी होगी. यह राहत अगले साल यानी 2021 की 31 दिसंबर तक मिलेगी.

पीएम गरीब कल्याण योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त व्यवस्था. इसका इस्तेमाल मनरेगा या ग्राम सड़क योजना के लिए किया जा सकता है.

किसानों को उर्वरक सब्सिडी देने के लिए 65 हजार करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है.

निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक्जिव बैंक को लाइन ऑफ क्रेडिट के लिए दिया जाएगा.

कोविड टीके पर रिसर्च के लिए 900 करोड़ रुपए की व्यवस्था. यह बायोटेक्नोलॉजी विभाग को मिलेगा. यह कोविड टीके के लिए नहीं, बल्कि उसके बारे में रिसर्च के लिए होगा. कोविड टीके का खर्च अलग होगा.

सरकार एनआईआईएफ के डेट प्लेटफॉर्म में 6000 करोड़ रुपए इक्विटी के रूप में निवेश करेगी.

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