नई दिल्ली. बिहार में सरकारी कर्मियों की दूसरी शादी को लेकर राज्य सरकार ने कुछ नए नियम बनाए हैं. नीतीश सरकार ने तय किया है कि सरकारी नौकरी में रहते हुए अगर दूसरी शादी करते हैं तो आपको इसके लिए पहले अपने विभाग में सूचना देनी होगी. अनुमति मिलने के बाद ही आप दूसरी शादी कर सकते हैं. अगर अनुमति नहीं लेते हैं तो वह शादी अवैध मानी जाएगी. बिहार सरकार की पूर्व अनुमति के पति या फिर पत्नी के जीवित रहते दूसरे विवाह के लिए करार नहीं किया जा सकता. इस तरह की शादी से उत्पन्न संतान को अनुकंपा आधारित नौकरी में किसी तरह की कोई दावेदारी या हक नहीं होगा. किसी के सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो जाने के बाद ऐसी संतान अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए तैयार की जाने वाले विचार और प्रस्ताव भी सही नहीं माने जाएंगे.
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वहीं अगर सरकार से अनुमति लेकर दूसरा विवाह कानून सम्मत तरीके से किया जाता है तो ऐसी स्थिति में जीवित पत्नियों या उनके बच्चे अनुकंपा आधारित नौकरी के लिए हकदार माने जाएंगे. इसमें भी पहली पत्नी का स्थान पहले माना जाएगा. सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इससे संबंधित आदेश सभी विभागों के प्रमुख, डीजीपी, मंडलीय आयुक्त और सभी जिलों के अधिकारियों को भेज दिया गया है. इस आदेश में यह कहा गया है कि दूसरी शादी से जुड़े उनका आधारित तभी मिलेगा जब आवेदक सभी योग्यता पर खड़े होंगे. इस तरह के मामलों में सरकार के स्तर से तय किए गए तमाम नियमों का पालन करना अनिवार्य माना जाएगा. पहली पत्नी के अलावा अगर किसी दूसरी पत्नी की नियुक्ति पर विचार करने की बात सामने आती है तो ऐसे में सभी जीवित वैध पत्नियों की तरफ से अनापत्ति या फिर शपथ पत्र देना होगा.









