गरियाबंद. कलेक्टर श्याम धावड़े ने शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता अंतर्गत जनचौपाल से संबंधित प्रकरणों का ऑनलाइन निराकरण नहीं करने के कारण मैनपुर तहसीलदार रजनी भगत को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया है. उन्होंने अपने नोटिस में कहा है कि जनचौपाल के नोडल अधिकारी द्वारा जनचौपाल से संबंधित लंबित प्रकरणों का ऑनलाइन निरीक्षण किया गया. निरीक्षण में पाया गया है कि सौंपे गए कार्यों में जनचौपाल से संबंधित प्रकरणों का निराकरण नहीं किया गया है एवं उनके आईडी में 19 प्रकरण लंबित पाए गए है. उनके द्वारा जनचौपाल के तहत् प्राप्त आवेदनों के निराकरण में कोई रूचि नहीं लिया जा रहा है, जो कि सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन है.
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उनका यह यह कृत्य कर्तव्य परायणता व पूर्ण रूप से सनिष्ठ रहने के प्रयुक्ति के उदासीन, सुस्त रवैया तथा कर्तव्य के प्रति हल्केपन को प्रदर्शित करता है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-03 (सामान्य) के (दो) सत्य निष्ठा और कर्तव्य परायणता के सर्वथा विपरीत है. नोटिस में कहा है कि क्यो न आपके विरूद्ध छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत् अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए. उक्त संबंध में स्पष्टीकरण 03 दिवस के भीतर प्रस्तुत करने एवं समय-सीमा में संतोषप्रद जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई करने कहा गया है.
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