नई दिल्ली. निर्भया केस में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने चारों दोषियों में एक अक्षय की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा कि हम बिना किसी दबाव के यह फैसला सुना रहे हैं. जो तर्क बचाव पक्ष की तरफ से दिए हैं, उनपर पहले भी सुनवाई हो चुकी है. अक्षय की पुनर्विचार याचिका में कोई नए तथ्य नहीं है इसलिए यह याचिका खारिज की जाती है. सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की पीठ ने यह फैसला सुनाया है. इस फैलसे के बाद निर्भया की मां ने कहा है कि वह बहुत खुश हैं. साथ ही उन्होंने मीडिया व देश का भी शुक्रिया अदा किया कि उनके इस सफर में सबने उनका साथ दिया.
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वहीं दोषी के वकील एपी सिंह ने कहा कि हमारे केस में हमने जो तथ्य रखे वो सभी नए हैं लेकिन अदालत ने इस पर ध्यान नहीं दिया. उन्होंने कहा कि कई बार जनभावना के आधार पर फैसला आता है वहीं निर्भया गैंगरेप में हुआ. सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पहले कोर्ट में जो सुनवाई हुई उसमें सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उच्चतम न्यायालय में कहा कि दोषी किसी भी तरह की उदारता का हकदार नहीं है और भगवान भी ऐसे ‘दरिंदे’ को बना शर्मसार होगा. तुषार मेहता ने आगे कहा, कुछ अपराध ऐसे होते हैं, जिनमें ‘मानवता रोती’ है और यह मामला उन्हीं में से एक है.
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