नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने अयोध्या मामले पर सुनवाई करने वाले सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संवैधानिक पीठ का हिस्सा रहे जस्टिस अब्दुल नजीर और उनके परिवार वालों को जेड श्रेणी की सुरक्षा दी है. प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जस्टिस नजीर और उनके परिजनों को खतरे को देखते हुए यह सुरक्षा देने का फैसला लिया गया है. खुफिया एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को बताया था कि जस्टिस नजीर की जान को पीएफआई और अन्य संगठनों से खतरा है. जिसके बाद गृह मंत्रालय ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) और स्थानीय पुलिस को जस्टिस नजीर को सुरक्षा देने का आदेश दिया है.
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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक सुरक्षाबल और स्थानीय पुलिस तत्काल जस्टिस नजीर को सुरक्षा मुहैया कराएंगी. कर्नाटक और देश के अन्य जगहों पर रह रहे जस्टिस नजीर के परिवारवालों को सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई जाएगी. जस्टिस नजीर जब बंगलूरू, मंगलुरू और राज्य के किसी भी हिस्से में सफर करेंगे तो उन्हें कर्नाटक कोटा से ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाएगी. बता दें कि ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा में अर्द्धसैनिक और पुलिस के करीब 22 जवान तैनात होते हैं.
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The Centre has decided to provide 'Z' category security cover to Justice S Abdul Nazeer, who was part of the SC bench which pronounced the Ayodhya verdict, and his family members in view of the threat from the Popular Front of India (PFI)
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— ANI Digital (@ani_digital) November 17, 2019









