बागबाहरा. ग्राम पंचायत पटपरपाली के आश्रित ग्राम चंदरपुर में मनरेगा के तहत कराए गए तालाब निर्माण में अनियमितता की जांच होगी. जिलाधीश ने जांच के आदेश दिए हैं. जानकारी के मुताबिक ‘छत्तीसगढ़ जनादेश’ के 31 अक्टूबर के अंक में ‘20 लाख का डेढ़ फुट गहरा तालाब’ शीर्षक से खबर प्रकाशन के तुरंत बाद कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत ने जांच के आदेश दिए हैं. अनियमितता की जांच के लिए टीम गठित भी कर दी गई है. छन-छन कर आ रही खबरों के मुताबिक बागबाहरा खंड में मनरेगा के कार्यों में व्यापक रुप से गड़बड़ी की गई है. यह योजना गांवों में रोजगार प्रदान कर निर्धन ग्रामीणों की आय में वृद्धि करने के साथ ही,
http://सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा AIMPLB
गांव में स्थाई परिसम्पत्तियों का निर्माण कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का ढांचा मजबूत कर के ऊर्जात्मक विकास का आधार स्तम्भ के रुप में इस योजना को देखा जा रहा था पर ऐसा कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा है. परिसम्पत्तियों का निर्माण कम खुद के सम्पत्ति निर्माण के उद्देश्य से काम में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है. उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत पटपरपाली के आश्रित ग्राम चंदरपुर में वर्ष 17-18 में सेन्हा भूतका नया तालाब निर्माण के लिए 19.76 लाख रुपए की स्वीकृति जिला प्रशासन ने प्रदान की थी. उक्त कार्य की प्रशासनिक स्वीकृति राशि में से 18.36.114 लाख रुपए का मजदूरी भुगतान किया जा चुका है. लेकिन इस नए तालाब निर्माण में लगे मजदूरों ने बमुश्किल जमीनी सतह से मात्र डेढ़-दो फीट गहरा खुदाई हुई है. इस तालाब को देखने से लगता है कि भारी अनियमितता बरती गई होगी. तालाब के चारों ओर फैलाए गए मिट्टी के ढेर को देख आंकलन सहज ही किया जा सकता है. राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे गांव में काम का स्तर इस ढंग से है तो अंदरुनी गांवों या वनांचल क्षेत्र के कार्यों के स्तर का अंदाजा लगाया जा सकता है.
http://गौतम गंभीर लापता! आखिरी बार इंदौर में जलेबी और पोहा खाते देखे गए थे







