सरायपाली. एक ग्राम पंचायत के सचिव के द्वारा सूचना के अधिकार का मखौल उड़ाने पर उन्हें 25 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है. उक्त सचिव के द्वारा सीईओ के आदेश का पालन नहीं करने व समय सीमा पर आवेदक को सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी नहीं देने पर मुख्य सूचना आयुक्त रायपुर द्वारा दंडित करने आदेश पारित किया गया है. जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत मोहनमुड़ा में आशिक हुसैन ने 14वें वित्त के आवंटन और व्यय से जुड़े बिल वाउचर मय की प्रमाणित छायाप्रति की मांग 18 अगस्त 2020 को की गई थी, लेकिन समय सीमा पर जानकारी न मिलने पर प्रथम अपील की गई.
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प्रथम अपीलार्थी जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी सरायपाली ने तत्कालीन जनसूचना अधिकारी ग्राम पंचायत सचिव झनकराम पटेल को जानकारी उपलब्ध करवाने आदेशित किया था, लेकिन उन्होंने सीईओ के आदेश की भी अवहेलना किए जाने पर मुख्य सूचना आयुक्त एमके राउत ने 26 जुलाई 2022 को अधिनियम की धारा 7(1) का उल्लंघन पाए जाने व सूचना का अधिकार 2005 की धारा 20(1) के तहत आवेदक को समय सीमा में जानकारी नहीं देकर जानकारी से वंचित रखने के लिए 25 हजार अर्थदंड अधिरोपित करने सीईओ को आदेशित कर उक्त राशि को सचिव से वसूली कर शासकीय कोष में जमा करने आदेश जारी किया है. वहीं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सरायपाली के आदेश का पालन न करने पर सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(2) के तहत उक्त सचिव के खिलाफ जांच कर दोषी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है.
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