कसडोल. अर्जुनी वन परिक्षेत्र के जंगल में मंगलवार को अपने ही फैलाए विद्युत प्रवाहित करंटयुक्त फंदे में फंसकर एक शिकारी मारा गया. घटना 1100 केव्ही विद्युत लाइन खम्भे से करंट लेने के कारण घटित हुई. ज्ञात हो कि cgjanadesh.com कसडोल क्षेत्र के देवपुर सहित अन्य परिक्षेत्र में वन्य प्राणियों की खुलेआम मांस बिक्री की खबरें लगातार प्रकाशित कर रहा है. वन विभाग के सूत्रों के अनुसार अपने ही बिछाए करंटयुक्त तार की चपेट से ग्रामीण स्वरूप पैकरा की मौत हो गई. घटना के बाद पुलिस चौकी सोनाखान थाना कसडोल द्वारा गुम इंसान रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए शिकार की घटना में मृतक के अलावा अन्य शामिल 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
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घटना के संबंध में बताया जाता है कि कसडोल थाना के सोनाखान चौकी के अंतर्गत सोमवार को मृतक के भाई रामस्वरूप पैकरा ने चौकी आकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका भाई स्वरूप पैकरा शनिवार शाम करीब 7 बजे घर से निकला था जो अब तक वापस नहीं आया. पतासाजी करने पर स्वरूप पैकरा का शव जंगल जोंक नदी किनारे मिला. शरीर में विद्युत करंट से झुलसने के निशान हैं. सूचना पर मर्ग कायम कर पुलिस ने जांच प्रारंभ की. जांच में पाया गया कि मृतक अपने साथी पुनीराम बरिहा, खीखराम कंवर के साथ एक राय होकर जंगल में शिकार करने शनिवार रात 9:30 बजे जंगल में 1100 केवी हाई वोल्टेज विद्युत तार में जीआई तार लगाकर शिकार करने हेतु लगाए गए तार के करंट के चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई. मृतक के साथी साक्ष्य छुपाने के लिए जीआई तार, बांस की खुंटी एवं डंगसी को लेकर फरार हो गए थे.
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आरोपियों के विरुद्ध धारा 304 ए 34 201 भादवि एवं 139 विद्युत अधिनियम कायम कर विवेचना में लिया गया. कसडोल पुलिस ने फरार आरोपी पुनीराम बरिहा (48) और खीखराम कंवर उर्फ हंडा बैगा (56) साकिन ग्राम कसौंदी को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ में जुर्म स्वीकार कर घटना में प्रयुक्त 4 बंडल जीआई तार 30 मीटर, एल्युमीनियम तार ढाई एमएम, एक नग टॉर्च तथा बांस की 8 नग खुंटी जब्त कर आरोपियों को महज 6 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा. कार्रवाई में चौकी प्रभारी नरेंद्र मारकंडे, प्रधान आरक्षक अमोल सिंह कंवर, आरक्षक विजय कुर्रे, अरुण प्रताप सिंह, प्रहलाद दिनकर, चमन मिथिलेश, मोहन जांगड़े, पिलेश कुर्मी का विशेष योगदान रहा.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) June 1, 2021







