नई दिल्ली. कोरोना के नाम पर भले ही देश और पूरी दुनिया में दहशत हो लेकिन जिला अस्पताल में जन्मी एक बच्ची का नाम उसके परिजनों ने कोरोना रखा है. परिजनों का कहना है कि भले ही लोगों के जेहन में यह नाम दहशत भरा हो, लेकिन कोरोना वायरस ने लोगों की जिदंगी बदलते ही सफाई के महत्व को जीवन में बताया है. जानकारी के मुताबिक यूपी के गोरखपुर के कौड़ीराम के सोहगौरा निवासी रागिनी त्रिपाठी का मायका देवरिया के रूद्रपुर में है. रागिनी मौजूदा कुछ दिनों से मायके में ही रह रही थी. रविवार सुबह मायके में उन्हें प्रसव पीड़ा हुई.
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परिजन तत्काल जिला अस्पताल लेकर गए. जहां पर डॉक्टरों ने महिला जिला अस्पताल रेफर कर दिया. जहां डॉक्टरों की मदद से नॉर्मल डिलीवरी हुई. रागिनी ने स्वस्थ्य बेटी को जन्म दिया. बेटी के जन्म होते ही परिवार में खुशियां छा गई. जनता कर्फ्यू के दिन जन्मी बिटियां का नाम भी परिजनों ने कोरोना रख दिया. रागिनी के पिता अरुण पांडेय और देवर नीतेश त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना नाम भले ही जेहन में लोगों के बीच दहशत पैदा करता हो, लेकिन इसने जीवन में सफाई के महत्व को भी लोगों को बता दिया है. उन्होंने बताया कि परिवार में दो पीढ़ी बाद बेटी हुईं हैं. यह हम लोगों के लिए सौभाग्य की बात है.
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