रजिंदर खनूजा
पिथौरा. जिला प्रशासन द्वारा लॉकडाउन के आदेश के बाद भी आज सुबह से अधिकांश चाय के ठेले एवं अन्य कुछ दुकानें धीरे-धीरे खुलने लगीं. इसकी जानकारी प्रशासन को मिलते ही सख्ती बरती गई और नियमों के तहत दुकानों को बंद कर अपने घरों में रहने की हिदायत दी गई. पूरी दुनिया में दहशत फैलाने वाले कोरोना वायरस का स्थानीय स्तर पर बिल्कुल भी ख़ौफ़ दिखाई नहीं दिया. लोगों ने कल शाम ताली और थाली बजाकर यह मान लिया था कि अब वे सुरक्षित हो गए हैं. लिहाजा सोमवार सुबह से ही साइकिल दुकानें, लोहे की दुकानों सहित चाय के ठेले भी सज गए थे. ठेलों में भीड़-भाड़ भी दिखने लगी थी जिससे लगातार संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा था. हालात देखते हुए नगर के कुछ पत्रकारों ने हालात की जानकारी स्थानीय प्रशासन को दी.
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इसके बाद स्वयं एसडीएम दल बल के साथ नगर में निकले एवं कलेक्टर की गाइड लाइन नगर के प्रमुख स्थानों पर चस्पा करवाकर आदेश को नहीं मानने वाले दुकानदारों की दुकान बलपूर्वक बंद कराकर उन्हें घर में ही रहने की समझाइश दी. बहरहाल, अब आवश्यक सेवाओं में मेडिकल स्टोर्स, लाइसेंसी पक्के होटल, फल दुकान एवं सब्जी बाजार ही खुले हैं. इधर, मात्र एक दिन के ही ब्रेक डाउन के बाद ही सब्जी बाजार में सब्जियों के दाम लगभग डेढ़ से दोगुने हो गए. वहीं प्रशासन के दाम ना बढ़ने के दावे को भी झुठलाते हुए राशन सामग्री के भाव अभी से डेढ़ गुना तक महंगे हो गए हैं. माना जा रहा है कि यदि बाहर से राशन सामग्री एवं सब्जियों की आवक नहीं हुई तो राशन एवं सब्जियों के दाम आसमान छूने से कोई नहीं रोक सकेगा. ज्ञात हो कि लगातार बंद के हालात के मद्दे नजर सक्षम वर्ग के लोगों ने राशन एवं सब्जी का स्टॉक कर लिया है जबकि मध्यम एवं निम्न वर्ग के लोगों के लिए यह एक बड़ी समस्या बनने वाली है.
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