नई दिल्ली. मध्यप्रदेश के मुरैना इंडियन एयरफोर्स के लड़ाकू विमान सुखोई-30 और मिराज-2000 अचानक हवा में दुर्घटनाग्रस्त हो गए. सूचना मिलते ही मौके पर राहत बचाव दल पहुंचा और आगे की कार्रवाई में जुट गया. इस हादसे में एक पायलट की मौत हो गई. रक्षा सूत्रों के मुताबिक दोनों विमानों ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरी थी, जहां अभ्यास चल रहा था. रक्षा मंत्री ने एयरफोर्स चीफ से इस हादसे को लेकर बातचीत की है. विमानों में तीन पायलट सवार थे. विमान का मलबा मुरैना और राजस्थान के भरतपुर में मिला है.
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इससे पहले तक कयास लगाए जा रहे थे कि भरतपुर में भी एक हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ है, हालांकि बाद में पुष्टि हुई कि भरतपुर में इन्हीं दो लड़ाकू विमानों का मलबा गिरा है. वहां कोई अलग एयरक्राफ्ट या हेलिकॉप्टर क्रैश नहीं हुआ है. मुरैना के कलेक्टर ने मीडिया को बताया कि जेट विमान सुबह साढ़े पांच बजे दुर्घटनाग्रस्त हुए थे. दोनों पायलट सुरक्षित बाहर निकल गए. बाद वायुसेना ने मामले की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी बैठा दी है. जो यह देखेगी कि क्या दोनों विमान आपस में टक्कर से दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं या फिर किसी और कारण से. जानकारी के मुताबिक दुर्घटना के दौरान सुखोई 30 में 2 पायलट थे. जबकि मिराज 2000 में एक पायलट था. दो पायलट सुरक्षित हैं, जबकि एक की मौत हो गई.
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