नई दिल्ली. जयपुर में एंटी करप्शन ब्यूरो ने ड्रग इंस्पेक्टर को पांच हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. जैसे ही उन्हें गिरफ्तार किया गया उन्होने सफाई में कहा कि अकेले मेरे लिए नहीं है, ऊपर तक देना पड़ता है, नहीं देने पर कहते हैं कि बीकानेर ट्रांसफर करवा देंगे. गिरफ़्तार सिंधू कुमारी के पास जयपुर के 500 मेडिकल स्टोर के निरीक्षण की ज़िम्मेदारी थी और वो हर एक स्टोर से हर महीने पांच-पांच हज़ार रुपए की वसूली करती थी. दस दिन पहले ही एंटी करप्शन ब्यूरो के पास एक दवा दुकान मालिक ने शिकायत की थी कि कई सालों से ड्रग इंस्पेक्टर सिंधू कुमारी 5 हजार रुपए लेती है.
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आज तक कभी किसी दवा दुकान की जांच नहीं की, बस उनका डिमांड होता है कि घर आकर पैसे दे जाओ. छोटे मोटे काम भी कराने होते हैं तो हर काम के लिए पैसे मांगती हैं. ड्रग स्टोर में या दवा दुकान में कोई नया कर्मचारी भी रखना है तो उसके बदले भी पैसे मांगती थी क्योंकि नियम के अनुसार राज्य इंस्पेक्टर को जानकारी देनी होती है. एंटी करप्शन ब्यूरो ने लगातार सात दिनों तक इस शिकायत की जांच की और सही पाया, तब 10 हज़ार रुपए की रिश्वत मांगने वाली सिंधू कुमारी को ट्रैक करने के लिए एक जाल बिछाया. एंटी करप्शन ब्यूरो ने आरोपी इंस्पेक्टर को एक रेस्टोरेंट में पैसे लेने के लिए बुलाया और वहां पर रंगे हाथों पकड़ लिया.
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