नई दिल्ली. एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने मंगलवार को कहा कि तीसरी लहर को लेकर हमारे पास कोई डेटा नहीं है. ऐसे में यह बता पाना मुश्किल है कि बच्चों के लिए यह कितना घातक होगा. भारत का या दुनिया का डाटा देखें तो अब तक ऐसा कोई डाटा सामने नहीं आया जिसमें यह दिखाया गया है कि बच्चे अधिक संक्रमित हो रहे हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेसवार्ता में मौजूद डॉ. गुलेनिया ने कहा कि यहां तक कि कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के दौरान भी जो बच्चे इस वायरस से संक्रमित हुए वह हल्के बीमार ही पड़े.
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उन्होंने आगे कहा कि मैं नहीं समझता कि हमें भविष्य में बच्चों पर किसी गंभीर संक्रमण का खतरा देखने को मिलेगा. प्रेसवार्ता में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि सात मई को चरम स्तर पर पहुंचने के बाद से दैनिक नए मामलों में करीब 79 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. उन्होंने कोविड की दूसरी लहर पर कहा कि दैनिक नए मामलों में लगातार और तेजी से गिरावट आई है. उन्होंने कहा कि भारत में प्रति दस लाख आबादी पर कोरोना के 20,822 मामले आए और 252 मौतें हुई हैं जो दुनिया में सबसे कम है. भविष्य में कोरोना की और लहरों को रोकने के लिए सरकार ने पूरी आबादी का टीकाकरण होने तक कोविड संबंधी व्यवहार का पालन करने पर जोर दिया.
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No data, global or Indian, has had any observations of children being affected more. Even in the 2nd wave kids who were infected had mild illness or co-morbidities. I don't think we will have a serious infection in children in the future: Dr Randeep Guleria, AIIMS Director pic.twitter.com/q4w7ceurDr
— ANI (@ANI) June 8, 2021









