नई दिल्ली. कोरोना का डेल्टा वेरिएंट टीकाकरण करा चुके लोगों को भी अपनी चपेट में ले रहा है. हाल ही में एक अध्ययन में इसका खुलासा हुआ. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने हाल ही एक शोध में दावा किया है कि कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद संक्रमित नहीं होंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं है. वैक्सीन केवल यह सुनिश्चित करती है कि संक्रमण का असर गंभीर नहीं होगा. अध्ययन में 63 लोगों को शामिल किया गया. इनमें से 36 ने वैक्सीन की दोनों डोज और 27 ने एक डोज ली थी. इनमें से 36 लोगों के नमूनों की जांच की गई, जिनमें 19 ने एक डोज ली और 17 ने दोनों टीके लगवा लिए थे.
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63 प्रतिभागियों में से 10 लोगों ने कोविशील्ड और 53 ने कोवैक्सीन लगवाई थी. इन मरीजों की औसत आयु 37 (21-92) थी, जिनमें से 41 पुरुष और 22 महिलाएं थीं. खास बात यह है कि वैक्सीन लेने के बाद संक्रमित होने वाले मरीजों में किसी की भी मौत नहीं हुई. इससे यह स्पष्ट होता है कि टीकाकरण से मृत्यु दर कम हो रही है। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि इसकी रोकथाम में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन असरदार बताई जा रही है. हाल ही में हुए शोध में खुलासा हुआ है कि कोवैक्सीन कोविड के खतरनाक वेरिएंट बीटा और डेल्टा वेरिएंट से सुरक्षा प्रदान करती है.
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