खरसिया. सिविल अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम चरम पर पहुंच चुका है. दो बार जांच करने पर दो अलग-अलग ब्लड ग्रुप बताना, वहीं 5 ग्राम ब्लड में ऑपरेशन कर महिला की जान जोखिम में डालने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है. ग्राम टाटा-खड़ताल निवासी खगेश्वर ने बताया कि अनीता कंवर की प्रसूति के लिए वे मंगलवार को खरसिया अस्पताल आए थे. जहां महज 5 ग्राम हीमोग्लोबिन की स्थिति में उनकी पत्नी का ऑपरेशन कर दिया गया. वहीं ब्लड ग्रुप जांच करवाने पर पहले बी पॉजिटिव बताया गया, फिर निजी लैब में जांच करवाने पर एबी पॉजिटिव बताया गया. अस्पताल स्थित पैथोलॉजी के लैब टेक्नीशियन बीपी चंद्रा ने ब्लड ग्रुप की गलत जानकारी दी तथा काफी कम मात्रा में एचबी होने के बावजूद ऑपरेशन कर अनीता कंवर की जान तक को जोखिम में डाला गया.
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अधिकारी कर रहे लीपापोती
उल्लेखनीय होगा कि अस्पताल की व्यवस्था के लिए बनी जीवनदीप समिति के अध्यक्ष जो वर्तमान में उच्चशिक्षा मंत्री भी हैं, उनके ही नगर में डॉक्टर्स एवं अन्य कर्मचारियों की मनमानियां बेखौफ चल रही हैं. प्रभारी डॉ सजन अग्रवाल ने इतनी बड़ी भूल को भी हल्के में लेते हुए नोटिस-नोटिस का खेल शुरू कर दिया है. वहीं जब सीएमएचओ एसएन केसरी से बात की गई तो उन्होंने भी कहा कि गलतियां हो जाती हैं. जबकि भगवान माने जाने वाले डॉक्टर एवं मेडिकल कर्मचारियों द्वारा की गई ऐसी भूल मरीज की जान भी ले सकती है. ऐसे में इस सिरे से उस सिरे तक हर अधिकारी गलती को छुपाने का ही प्रयास करेगा तो व्यवस्था कैसे बहाल हो पाएगी.
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