श्री गणेश चतुर्थी का त्योहार 10 सितंबर शुक्रवार को मनाया जाएगा. इस दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है. इस बार गणेश चतुर्थी पर 6 ग्रहों का शुभ संयोग बन रहा है. इस बार बुध कन्या राशि में, शुक्र तुला राशि में, राहु वृषभ राशि में, शनि मकर राशि में, केतु वृश्चिक राशि और शनि मकर राशि में अपने श्रेष्ठ स्थिति में विद्यमान होंगे. यह संयोग बहुत ही शुभ है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की कृपा से सुख-शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. गणेश जी को विध्नहर्ता कहा गया है. इनकी पूजा से कई बाधाएं दूर हो जाती हैं. कहते हैं जो लोग गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणपति को अपने घर बुलाते हैं और पूरी श्रद्धा से गणेश जी का पूजन करते हैं उनके सभी दुख दूर हो जाते हैं.
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शुभ मुहूर्त
गणेश चतुर्थी के दिन पूजन का शुभ मुहूर्त 12 बजकर 18 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त से शुरू होगा और रात 9 बजकर 57 मिनट तक पूजन का शुभ समय रहेगा. खास बात ये है कि इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर भद्रा का साया नहीं रहेगा.
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गणपति बप्पा को लगाएं भोग
गणेश जी को मोदक बेहद पसंद हैं. इसलिए गणेश जी के जन्मोत्सव पर उनके सबसे प्रिय मोदक का भोग लगते हैं. वहीं गणेश जी को मोतीचूर के लड्डू भी बहुत प्रिय हैं. इसके अलावा गणेश जी को बेसन के लड्डू का भी भोग लगा सकते हैं. वहीं गणेश जी की पूजा के बाद खीर अवश्य चढ़ानी चाहिए. इसके अलावा केला, नारियल, मखाने की खीर और पीले रंग की मिठाई भी गणेश जी के भोग में शामिल कर सकते हैं.











