नई दिल्ली. हनुमान जन्मोत्सव पर दिल्ली के जहांगीरपुरी में हिंसा और आगजनी देखने को मिली. इलाके में भड़की हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और मामले में अब तक करीब 21 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जहांगीरपुरी हिंसा में घायल एएसआई अरुण कुमार ने घटना का आखों देखा हाल बताया है. उन्होंने कहा कि हिंसा के दौरान दौरान जो हालात थे उसे बयां नहीं किया जा सकता. अरुण कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि मैं शोभायात्रा में शुरू से ही था. मैं अन्य पुलिसकर्मियों के साथ उस गाड़ी से कुछ दूर पर था जिसमें हनुमान जी की यात्रा निकाली जा रही थी.
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अरुण कुमार ने कहा कि जैसे ही यात्रा कुशल चौक पहुंची अचानक से हजारों की संख्या में एक भीड़ सामने से आ गई. उन्होंने कहा कि हमने दोनों पक्षों से बात की और लोगों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन दोनों ही पक्ष किसी भी तरह से मानने को तैयार नहीं थे. धीरे-धीरे दोनो पक्षों के बीच गाली गलौच के साथ बहस छिड़ गई और फिर वहां भगदड़ मचने लगी. उन्होंने कहा कि हिंसा के दौरान जहांगीरपुरी में हर तरफ लोग अपनी जान बचान के लिए भाग रहे थे. लोग अचानक अपने वाहन छोड़कर भागने लगे.
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उन्होंने कहा कि मैं हिंसा प्रभावित क्षेत्र से सभी को हटाने की कोशिश कर रहा था, मैं लोगों को बचाने में लगा हुआ था तभी मेरे ऊपर पथराव किया गया. उन्होंने कहा कि ज्यादातर दंगाइयों के पास तलवार और चाकू थे. जुलूस में कुछ लोगों ने सरिया और तलवार से हमला किया. दंगाइयों ने कई गाड़ियों पर आग भी लगा दी थी. उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों में महिलाएं बच्चे और बुजुर्ग लोग भी थे. मैं वहां पर मौजूद कुछ गाड़ियों को हटा रहा था तब मेरे कंधे पर एक ईंट गिरी मेरे पीठ पर भी में भी पत्थर गिरे. उन्होंने कहा कि मैंने जो अपनी आखों से देखा उसे बयां नहीं किया जा सकता.









