नई दिल्ली. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओड़िशा के बालासोर तट से सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल वायु रक्षा प्रणाली Akash-NG का सफलतापूर्वक परीक्षण किया. डीआरडीओ ने एक बयान में कहा पिछले दो दिनों में 30 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली हवाई रक्षा मिसाइल प्रणाली का यह दूसरा परीक्षण है. उड़ान परीक्षण सभी हथियार प्रणाली, जैसे- मल्टीफंक्शन रडार, कमांड, कंट्रोल एंड कम्युनिकेशन सिस्टम के साथ भूमि-आधारित प्लेटफॉर्म से किया गया था.
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मिसाइल रक्षा प्रणाली को हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (DRDL) द्वारा अन्य DRDO प्रयोगशालाओं के सहयोग से विकसित किया गया. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, उड़ान डेटा को कैप्चर करने के लिए एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) ने इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम, रडार और टेलीमेट्री जैसे कई रेंज स्टेशनों की तनौती की थी. परीक्षण के दौरान मिसाइल ने तेज और फुर्तीले हवाई खतरों को बेअसर करने के लिए आवश्यक उच्च गतिशीलता का प्रदर्शन किया. आकाश-एनजी हथियार प्रणाली भारतीय वायु सेना की वायु रक्षा क्षमता के लिए एक सक्षम जमीनी सपोर्ट साबित होगी. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) जैसी रक्षा उत्पादन कंपनियों ने भी परीक्षणों में भाग लिया.
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DRDO has successfully flight tested the New Generation Akash Missile (Akash-NG) a Surface to Air Missile from Integrated Test Range (ITR) off the coast of Odisha today 21st July 2021. The flawless performance of the entire weapon system has been confirmed by complete flight data. pic.twitter.com/LldOF8aqGT
— DRDO (@DRDO_India) July 21, 2021









