नई दिल्ली. लिव-इन-रिलेशनशिप को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. जौनपुर के एक मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा है कि बालिगों को उनकी स्वेच्छा से रहने-जीने का अधिकार है. कोई भी मौलिक अधिकार में हस्तक्षेप नहीं कर सकता. दरअसल, जौनपुर में पिछले दिनों एक लड़की गायब हो गई थी. बाद लड़की के पिता ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था. लड़की एक लड़के साथ लिव-इन में रह रही थी.
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दोनों ने हलफनामा दिया कि वे दोनों बालिग हैं, और एक-दूसरे के साथ अपनी मर्जी से रह रहे हैं. इसी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी दी है. कोर्ट ने लिव-इन में रह रहे जोड़े के पक्ष में अपना फैसला सुनाते हुए लिव-इन रिश्ते को जायज करार दिया है. कोर्ट ने लड़की के पिता की ओर से युवक पर दर्ज कराए गए अपहरण के मुकदमे को रद्द करने का आदेश दिया है. जस्टिस सुनीत कुमार और सैय्यद वैज मियां की कोर्ट ने यह अहम फैसला सुनाया है.
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