नई दिल्ली. मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं. सियासी घमासान के बीच 22 विधायकों ने इस्तीफे दे दिए हैं, जिसके बाद कमलनाथ सरकार पर संकट गहरा गया है. ये पूरी स्थिति ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद सामने आई है. इस पूरे सियासी घटनाक्रम के बीच कांग्रेस और भाजपा दोनों ने विधायक दल की बैठक बुलाई. कांग्रेस की विधायक दल की बैठक में कमलनाथ सरकार को एक और झटका लगा है. मंगलवार शाम 6 बजे शुरू हुई इस बैठक में कांग्रेस के महज 88 विधायकों ने हिस्सा लिया है.
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यानी कांग्रेस के चार और विधायक मीटिंग से गायब रहे. कांग्रेस की मीटिंग करीब दो घंटे तक चली. कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कुल 92 विधायक पहुंचे, जिनमें 4 निर्दलीय थे. बता दें कि कांग्रेस के कुल 114 विधायक थे, जिनमें से 22 ने खुले तौर पर अपने इस्तीफे दे दिए हैं, जबकि अब चार और विधायक मिसिंग हैं. यानी कुल 26 विधायक कांग्रेस से छिटकते नजर आ रहे हैं. इधर, भोपाल में भाजपा कार्यालय में पार्टी की विधायक दल की बैठक हुई. इसमें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री और दमोह से सांसद प्रहलाद पटेल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता पहुंचे.
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