नई दिल्ली. मध्य प्रदेश के राज परिवार से आने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका दिया है. मुख्यमंत्री कमलनाथ से नाराज चल रहे सिंधिया ने मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया. सिंधिया ने खुद ट्वीट कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी है. हालांकि पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सिंधिया को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के चलते निष्कासित किया गया है. सिंधिया के इस्तीफे के बाद उनके खेमे के 19 कांग्रेस विधायकों ने भी इस्तीफे दे दिए हैं. बिसाहू लाल सिंह ने तो विधायक पद से इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस भी छोड़ दी है और वह भाजपा में शामिल हो गए हैं. इस्तीफे देने वाले 19 विधायकों में 6 मंत्री भी शामिल हैं.
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ये विधायक कर्नाटक में हैं और वहीं से बाकायदा एक तस्वीर भी जारी की गई है. भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं विधानसभा स्पीकर से उम्मीद करता हूं कि वो विधायकों के इस्तीफों पर जल्द फैसला लें. दूसरी तरफ सिंधिया के इस्तीफे ने कांग्रेस में हलचल पैदा कर दी है. सिंधिया के इस फैसले को कांग्रेस ने गद्दारी बताया है. लोकसभा में नेता विपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि अब मध्य प्रदेश में हमारी सरकार नहीं बच पाएगी. हालांकि, एमपी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कांतिलाल भूरिया को अब भी पूरा भरोसा है. सिंधिया के इस्तीफे के बीच कांतिलाल ने भोपाल में मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात की. मुलाकात के भूरिया ने भरोसा जताया कि कांग्रेस सरकार मजबूत है और यह चलती रहेगी. उन्होंने कहा कि किसी के कहने से सरकार नहीं गिरेगी, हमारे पास पर्याप्त संख्या है.
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