नई दिल्ली. निर्भया के दोषी पवन गुप्ता की क्यूरेटिव पिटीशन सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी. इस मामले की सुनवाई जस्टिस एन वी रमन्ना, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस रोहिंटन नरीमन, जस्टिस भानुमति और जस्टिस अशोक भूषण ने चैंबर में की. बेंच ने कहा कि सजा पर पुनर्विचार करने का कोई सवाल ही नहीं उठता है. पवन ने फांसी को उम्रकैद में बदलने की गुहार लगाई थी. अदालत ने दोषियों की फांसी पर रोक लगाने से भी इनकार किया है. हालांकि पवन के पास अभी राष्ट्रपति को दया याचिका दाखिल करने का विकल्प बचा हुआ है.
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पवन के वकील एपी सिंह ने कहा कि अब हम राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर करेंगे. बता दें कि निर्भया के दोषियों को फांसी पर चढ़ाने के लिए तीसरी बार डेथ वारंट जारी किया गया है. इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने दो बार डेथ वारंट जारी किया था, लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण दोनों बार डेथ वारंट कैंसिल कर दिया गया है. तीसरे डेथ वारंट के अनुसार, निर्भया के चारों दोषियों को 3 मार्च की सुबह 6 बजे फांसी दिया जाना है.
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2012 Delhi gangrape case: One of the convict Pawan's curative petition has been dismissed by the Supreme Court. The petition had sought commutation of his death penalty to life imprisonment. pic.twitter.com/2KhruqyxVb
— ANI (@ANI) March 2, 2020









