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वाह री पुलिस… दिव्यांग महिला को धमका 20 हजार रुपए वसूली को बताया हस्तक्षेप अयोग्य

Published on: December 11, 2022
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पिथौरा. ग्राम पंचायत बरेकेल में एक दिव्यांग बेवा महिला से मकान बेचने के एवज में सरपंच पति द्वारा धमकाकर 20 हजार रुपए वसूलने का मामला सामने आया है. प्रताड़ित दिव्यांग महिला अब न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं. दूसरी ओर, सरपंच पति गणेश उर्फ सुखदेव साहू ने दिव्यांग महिला से 20 हजार लेने की बात कबूल की, पर बाद में उनसे ली गई रिश्वत वापस करने की बात भी कही है. दिव्यांग अमरीका बाई विगत करीब 5 वर्ष पूर्व पति की मौत के बाद अपनी पुत्री के साथ बरेकेल ग्राम में रहती थीं. बेटी की शादी करने के बाद वह घर में अकेली ही रहती थी. अमरीका के अनुसार उनके दिव्यांग होने के कारण ग्रामीण उन्हें लगातार परेशान करते रहते थे, जिससे वह तंग आ चुकी थीं.

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कुछ ग्रामीणों की हरकत से परेशान उन्होंने अपना घर सेवैया के एक ग्रामीण के पास बेच दिया और स्वयं धर्मपुर में भाई के यहां रहने लगीं. अमरीका के मकान बेचते ही सरपंच पति गणेश साहू और दिलीप ठाकुर अमरीका को प्रतिदिन धमकाते थे कि उसने सरकारी आवास बेच दिया है, अब जेल जाना पड़ेगा. धमकी से भयभीत होकर अमरीका ने उन्हें 20 हजार रुपए की रिश्वत देकर मामला सुलझा लिया. बाद सरपंच पति ने मकान खरीदने वाले सेवैया निवासी रामनाथ यादव को भी धमकाया और उससे 30 हजार रुपए ले लिए. इसकी शिकायत अमरीका बाई लगातार अफसरों और नेताओं से करती रहीं. अभी भी उसकी शिकायत कलेक्टर जनदर्शन में 20 सितंबर 2022 टोकन क्रमांक 2120222001395 में दर्ज है. बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. जिससे अमरीका न्याय के लिए दर-दर भटक रही है.

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पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध

पिथौरा पुलिस की भूमिका भी इस मामले में संदिग्ध बनी हुई है. दिव्यांग अमरीका ने बताया कि उन्होंने पुलिस अधीक्षक तक शिकायत की है. जिस पर पिथौरा के तत्कालीन थाना प्रभारी राकेश खुंटेश्वर ने अजब-गजब निर्णय लेते हुए मकान खरीदार को सरपंच से 20 हजार वापस करवाए और दिव्यांग अमरीका को पुलिस हस्तक्षेप अयोग्य मामला करार कर न्यायालय की शरण में जाने की सलाह देते हुए धारा 155 का फैना काट कर भेज दिया. बहरहाल, केंद्र से राज्य स्तर की सरकारों द्वारा दिव्यांगों की सुख-सुविधा के अनेक निर्देश दिए जाते हैं, पर भ्रष्ट कारनामों को अंजाम देने के आदी हो चुके जनप्रतिनिधि हों या अफसर दिव्यांग पर भी रहम करने की बजाय उन्हें प्रताड़ित करने जुटे हैं. जिसकी क्षेत्र में निंदा भी की जा रही है.

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