नई दिल्ली. केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को मंजूरी दे दी है. कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी जिसका मकसद देश के सामान्य निवासियों की व्यापक पहचान का डेटाबेस बनाना है. इस डेटा में जनसांख्यिकी के साथ बायोमेट्रिक जानकारी भी शामिल होगी. इसके लिए 8700 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है. एनपीआर हर राज्य और हर केंद्र शासित प्रदेश में लागू होगा. सरकार ने स्पष्ट किया कि एनपीआर अपडेशन के दौरान व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी को ही सही माना जाएगा, उसे कोई दस्तावेज नहीं देना होगा.
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कैबिनेट मीटिंग के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘भारत मे अभी ब्रिटिश जमाने के हिसाब से जनगणना होती है. इसमें सभी लोगों की गिनती मुद्दा होता है. इस बार अप्रैल-सितंबर 2020 तक लाखों लोगों के घर-घर जाकर 2021 तक तकनीक की प्रक्रिया का इस्तेमाल कर पूरी प्रक्रिया को आसान किया जाएगा. ऐप तैयार किया गया है. ऐप पर दी गई जानकारी में कोई भी प्रूफ या कागज़ देने या किसी बायोमेट्रिक की ज़रूरत नहीं होगी. सरकार ने कहा कि जनता पर है भरोसा, इसलिए किसी कागज़ या प्रूफ देने की ज़रुरत नहीं होगी.’
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Union Minister Prakash Javadekar: Cabinet has approved the conducting of census of India 2021 and updating of National Population Register. It is self declaration, no document, bio-metric etc required for it pic.twitter.com/jkCbM89BhH
— ANI (@ANI) December 24, 2019









