नई दिल्ली. भारतीय वायुसेना को बालाकोट एयर स्ट्राइक में अपनी क्षमता का लोहा मनवा चुका स्पाइस 2000 बम के एडवांस वर्जन की आपूर्ति मिलनी शुरू हो गई है. ग्वालियर एयरबेस पर स्पाइस -2000 बमों की खेप मिली है, क्योंकि यह भारतीय वायु सेना के मिराज 2000 लड़ाकू विमान बेड़े का बेस है और वे एकमात्र बेड़े हैं जो इजरायल के इन बमों को ले जाने में सक्षम हैं. भारतीय वायु सेना ने इजरायल के साथ 250 करोड़ रुपए के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं मार्क 84 वॉरहेड और बमों के साथ जो पूरी तरह से इमारतों को नष्ट कर सकते हैं.
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स्पाइस (SPICE) का मतलब Smart, Precise Impact, Cost Effective (स्मार्ट, सटीक प्रभाव, लागत प्रभावी) है. यह बम किसी भी प्रकार के बंकर या घर को नष्ट करने की क्षमता रखता है. इसके द्वारा सबसे सुरक्षित ठिकाने को भी नेस्तनाबूत किया जा सकता है. यह बम लंबी दूरी के लक्ष्यों को सटीकता से साधने में सक्षम है. लेजर गाइडेड होने के कारण इस बम को लक्ष्य से काफी दूर होने पर भी दागा जा सकता है. स्पाइस बम वही बम हैं जिसका इस्तेमाल भारतीय वायु सेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए किया था.
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IAF receives Spice-2000 'building blaster' buster bombs
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— ANI Digital (@ani_digital) September 15, 2019









