नई दिल्ली. नासा का मून मिशन अपने दूसरे लॉन्च के दौरान फिर फ्यूल लीक के कारण फेल हो चुका है. वैज्ञानिकों की लाख कोशिशों के बाद भी इस लीक को रोका नहीं जा सका. बाद नासा के अधिकारियों ने रॉकेट लॉन्च के समय को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है. बता दें कि इससे पांच दिन पहले भी फ्यूल लीक होने की वजह से इस मिशन को तय तारीख से आगे के लिए बढ़ा दिया गया था. नासा के इस महत्वाकांक्षी मिशन को फ्लोरिडा में कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाना है. मानव मिशन के तहत नासा का ये पहला रॉकेट है जो फ्लोरिडा में कैनेडी स्पेस सेंटर से निकल कर चांद के चारों तरफ चक्कर लगाएगा और कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां नासा को भेजेगा.
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इसमें स्पेस लॉन्च सिस्टम- एसएलएस का इस्तेमाल किया जा रहा है. जिसके सफल होन के बाद नासा Artemis-2 और Artemis-3 मिशन पर काम करेगा.Artemis 3 मिशन तहत साल 2024 तक नासा इंसानों को चांद पर 50 साल बाद फिर से भेजेगा. इसके लिए मिशन एक का सफल होना बेहद जरूरी है. नासा के अगुवाई में चल रहे इस मिशन में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी, जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी भी शामिल हैं.Artemis-1 के रॉकेट और ओरियन कैप्सूल को बोइंग कंपनी और लॉकहीड मार्टिन कॉर्प ने नासा के कॉन्ट्रैक्ट के तहत मिलकर तैयार किया है.
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