नई दिल्ली. हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं ने तबाही मचा दी है. लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त है. बा राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक सुदेश कुमार मोख्ता ने बताया कि एक ही परिवार के आठ सदस्यों सहित कम से कम 22 लोगों ने अपनी जान गंवाई है. इन घटनाओं में पांच अन्य लोग लापता हैं. पूरे देश की बात करें तो बारिश से हुई घटनाओं में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई है. मरने वालों में उत्तराखंड और ओडिशा में चार-चार और झारखंड में एक शामिल है.
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उन्होंने कहा कि सबसे अधिक नुकसान मंडी, कांगड़ा और चंबा जिलों में देखने को मिला है. लगातार हो रही तेज बारिश के चलते राज्य से अब तक 36 मौसम संबंधी घटनाएं सामने आ चुकी हैं. उन्होंने कहा कि मंडी में मनाली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग और शोघी में शिमला-चंडीगढ़ राजमार्ग सहित 743 सड़कों पर आवाजाही अवरुद्ध है. उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने कहा कि अकेले मंडी में भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन में 13 लोगों की मौत हो गई और पांच लापता हो गए. उन्होंने कहा कि गोहर विकास खंड के काशान गांव में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और पुलिस द्वारा चार घंटे के लंबे तलाशी अभियान के बाद एक परिवार के आठ सदस्यों के शव उनके घर के मलबे से निकाले गए.
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