नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के मामले में एसआईटी ने बड़ा खुलासा किया है. एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक लखीमपुर हिंसा सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी, ये कोई दुर्घटना नहीं थी. ये हत्या की सोची-समझी साजिश से जुड़ा मामला है. बता दें कि अब लखीमपुर हिंसा केस में दुर्घटना की धारा हटाकर अन्य धाराएं लगाई गई हैं. आईपीसी की धाराएं 120बी, 307, 34 और 326 बढ़ाई गई हैं. बता दें कि इसी साल तीन अक्टूबर को यूपी में लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में चार किसानों को एक एसयूवी कार से कुचल दिया गया था, जब वह एक कार्यक्रम में कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर लौट रहे थे.
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कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी मौजूद थे. घटना के बाद हुई हिंसा में भी कुछ लोग मारे गए. घटना के दौरान एक स्थानीय पत्रकार भी मारे गए थे. किसानों ने आरोप लगाया था कि एसयूवी अजय मिश्रा टेनी की थी और उसमें उनका बेटा आशीष मिश्रा था. सुप्रीम कोर्ट में मामले की पहली सुनवाई आठ अक्टूबर को हुई थी. हिंसा के कई दिनों के बाद आशीष मिश्रा उर्फ मोनू को 9 अक्टूबर कई घंटों की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था. इस केस में आशीष मिश्रा मुख्य आरोपी हैं और उनकी जमानत अर्जी पर 6 जनवरी को सुनवाई होनी है.
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