नई दिल्ली. कोरोना महामारी अभी खत्म नहीं हुई कि केरल में नोरो वायरस के केसों ने चिंता बढ़ा दी है. केरल के वायनाड में नोरोवायरस के 13 केस मिले हैं. केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने शुक्रवार को लोगों से पेट से जुड़ी इस बीमारी से सर्तक रहने की अपील की और गाइडलाइंस जारी की. जानकारी के मुताबिक ये बीमारी दूषित पानी और दूषित भोजन के जरिए फैलती है. ये पशुजनित बीमारी है. दो सप्ताह पहले वायनाड जिले के विथिरी के पास पुकोडे में एक पशु चिकित्सा कॉलेज के 13 छात्रों में दूषित पानी और भोजन के माध्यम से फैलने वाली एक पशु जनित बीमारी नोरोवायरस की सूचना मिली थी. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान में चिंता का कोई कारण नहीं है, लेकिन सभी को सतर्क रहना चाहिए.
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सुपर क्लोरीनीकरण सहित गतिविधियां चल रही हैं. पेयजल स्रोतों को स्वच्छ बनाने की जरूरत है. उन्होने कहा कि इस मामले में काफी सावधानी बरती जा रही है. उन्होंने कहा कि उचित रोकथाम और उपचार से बीमारी को जल्दी ठीक किया जा सकता है. दस्त, पेट दर्द, उल्टी, मतली, उच्च तापमान, सिरदर्द और शरीर में दर्द नोरोवायरस के कुछ सामान्य लक्षण हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि तीव्र उल्टी और दस्त से निर्जलीकरण और आगे की जटिलताएं हो सकती हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि नोरोवायरस से संक्रमित लोगों को घर पर आराम करना चाहिए. ओआरएस और उबला हुआ पानी पीना चाहिए. लोगों को खाना खाने से पहले और शौचालय का उपयोग करने के बाद अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए. स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों में कहा गया है, जानवरों के साथ संपर्क में रहने वालों को विशेष ध्यान देना चाहिए.









