नई दिल्ली. कोरोना के चलते जान गंवाने लोगों के परिवारों को मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने के लिए दिशा-निर्देशों को तैयार करने में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नाराजगी व्यक्त की. शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि 11 सितंबर तक इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट पेश करे. न्यायाधीश एमआर शाह और अनिरुद्ध बोस की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि हमने इस संबंध में काफी पहले आदेश जारी किया था. हम पहले ही एक बार अवधि बढ़ा चुके हैं. इस हिसाब से तो जब तक आप दिशा-निर्देश तैयार कर पाएंगे तब तक तीसरी लहर भी खत्म हो जाएगी.
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एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि हमें खेद है कि हम हलफनामा दाखिल नहीं कर पाए. अदालत 10 दिन का और समय दे, क्योंकि इस मुद्दे पर सरकार लगातार एक्सपर्ट्स से चर्चा कर रही है, लेकिन कोर्ट ने इस मांग को खारिज कर दिया और इस दिशा में अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी 11 सितंबर को देने को कहा. बता दें कि 30 जून को जारी आदेश में कोर्ट ने कहा था कि मौत का सही कारण कोविड-19 से हुई मृत्यु के रूप में बताना चाहिए, ताकि मृतक पर निर्भर लोगों को सक्षम बनाया जा सके. उन्हें कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके.
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