नई दिल्ली. करनाल के एसडीएम के किसानों के ‘सिर फोड़ने’ का आदेश देने वाले एसडीएम पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा है कि एसडीएम ने जिन शब्दों का चुनाव किया वो गलत था, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्ती ज़रूरी थी. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि लोकतंत्र की व्यवस्था को बहाल करना प्रशासन और शासन की ज़िम्मेदारी होती है. तो आखिर किसी को हमारी मीटिंग का विरोध करने का क्या अधिकारी है, कोई अधिकार नहीं है. बल्कि आंदोलनकारियों और प्रशासन के बीच एक समझौता हुआ था, कि हम जो अपना प्रदर्शन करेंगे लोकतांत्रिक तरीके से करेंगे.
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उन्होने कहा कि इसमें उन्हें नारे लगाने की छूट है, काले झंडे दिखाने की छूट है, लेकिन किसी का रास्ता रोकना, या किसी के काम में व्यवधान डालना, ये उसमें कहीं नहीं है. ये समझौता हो चुका था, फिर भी लगातार कर ही रहे हैं. इसके बाद ये घटना होना कि हम किसी को जाने नहीं देंगे वहां. सीएम ने कहा कि लोकतंत्र की सुरक्षा करना शासन, प्रशान, गवर्नर सबका काम है. उन्होंने कहा कि वहां पर सुरक्षा एजेंसियों को सब आदेश दिए जाते हैं कि यहां कोई भी आदमी आना नहीं चाहिए. उसे हर तरीके से रोकना है. जो वीडियो ऑडियो सुनी है, उसमें उस अधिकारी का शब्दों का चयन सही नहीं है. मगर मुझे ये मानने में कोई गुरेज़ नहीं कि सख्ती करना तो उनका काम है.
लेकिन शब्दों का चयन संभलकर करना चाहिए. और जब कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए फोर्स काम करती है तो क्या क्या नहीं होता है. सारी सख्ती प्रयोग की जाती है. कार्रवाई के सवाल पर सीएम ने कहा कि पहले ये प्रशासन देखेगा कि हम बाद में देखेंगे. उन्होंने बताया कि डीजीपी इस पर जांच कर रहे हैं और रिपोर्ट के आधार पर जो करना होगा किया जाएगा. सीएम ने कहा कि शब्द नहीं बोलने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं है कि सख्ती नहीं बरतनी चाहिए थी. लोकतंत्र बनाए रखने के लिए सख्ती तो करनी ही चाहिए थी.
— Cg Janadesh (@CJanadesh) August 30, 2021









