नई दिल्ली. भ्रष्टाचार के खिलाफ यूपी की योगी सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है. योगी सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए 7 प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया है. रिटायर किए गए अफसरों के खिलाफ गंभीर मामले सामने आए थे. शासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सरकारी सेवाओं में दक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रान्तीय पुलिस सेवा संवर्ग के सात अफसरों, जिनकी उम्र 31 मार्च, 2019 को 50 वर्ष या उससे अधिक थी, उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्त (रिटायरमेंट) किए जाने की स्क्रीनिंग कमेटी पर शासन ने निर्णय लिया है. निर्णय के तहत अरुण कुमार सहायक सेनानायक, 15वीं वाहिनी पीएसी, आगरा, विनोद कुमार गुप्ता पुलिस उपाधीक्षक फैजाबाद को जबरन रिटायर कर दिया गया है.
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वहीं आगरा के डीएसपी नरेंद्र सिंह राणा, झांसी में पीएसी के सहायक सेनानायक रतन कुमार यादव, तेजवीर सिंह यादव 27वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर को जबरन रिटायर कर दिया गया है. इनके अलावा संतोष कुमार सिंह मंडल अधिकारी मुरादाबाद और पीएसी गोंडा में सहायक सेनानायक पद पर तैनात तनवीर अहमद खां को भी जबरन रिटायर किया गया है. जानकारी के मुताबिक, सात आधिकारियों के अलावा अन्य अधिरकारियों पर भी योगी सरकार की नजर है. बताया जा रहा है कि करीब दो दर्जन से ज्यादा अधिकारियों की फाइल सीएम योगी आदित्यनाथ के पास पहुंच चुकी है. लापरवाही और काम में कोताही बरतने वाले अधिकारियों को लेकर कोई फैसला लिया जा सकता है.
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