नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा विभाग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बिजली आपूर्ति में लापरवाही बरतने पर निगम के डायरेक्टर को डिमोट कर इंजीनियर बना दिया है. सरकार ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक अंशुल अग्रवाल का डिमोशन कर दिया है. अंशुल अग्रवाल को मुख्य अभियंता बना दिया गया है. इससे पहले वह तकनीकी निदेशक थे. दरअसल, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने अंशुल के निदेशक पद पर रहते हुए अपने काम में लापरवाही बरतने के आरोपों के बाद लिया है. वाराणसी के चौधरी उप केंद्र से 7 जुलाई को 18 घंटे और 21 जुलाई को 36 घंटे बिजली गुल रहने के बाद श्रीकांत शर्मा ने अंशुल को पदावनत करने का फैसला लिया.
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सरकार ने यह फैसला 7 जुलाई को बिजली आपूर्ति में ढिलाई के बाद लिया है. ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने इस मामले में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक (तकनीकी) अंशुल अग्रवाल से पहले स्पष्टीकरण तलब किया. फिर अंशुल अग्रवाल को अपने अधीनस्थ अधिकारियों पर प्रभावी नियंत्रण न रख पाने और उनकी लापरवाही के चलते विभाग की छवि धूमिल करने के कारण तत्काल प्रभाव से निदेशक पद से हटा दिया है. सरकार के मुताबिक सरकार सभी क्षेत्रों में पूरी तरह से बिजली देने के लिए कृतसंकल्प है और इसमें लापरवाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
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