रायपुर. यूं तो खुशियों पर सभी का हक होता है, परंतु वास्तविक हकदार वही होते हैं जिनके हिस्से बहुत कम खुशियां आई हों. ऐसे वंचित बालक-बालिकाओं के बीच पहुंचकर युवा विधायक एवं संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने खुशियां बांटी हैं. मानसिक विकलांग बच्चों की सेवा संस्था संवेदना-घरौंदा में अपने लाड़ले आर्यमन का जन्मदिन सेलिब्रेट कर युवा विधायक ने श्रेष्ठ राजनीतिक परम्परा प्रारंभ की है. बुधवार को सपरिवार डीडी नगर स्थित घरौंदा पहुंचकर विकास उपाध्याय ने ना सिर्फ अपने लाडले का जन्मदिन मनाया, बल्कि उन्होंने वंचित बालक बालिकाओं के हृदय में अमिट छाप भी छोड़ दी.
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समाज जिन्हें उपेक्षित दृष्टि से देखता है, उन बच्चों के बीच पहुंच कर खुशियां बांटने का जज्बा काबिले तारीफ है. अपनी इन्हीं विशेषताओं के कारण आज विकास उपाध्याय ना सिर्फ विधायक हैं, अपितु संसदीय सचिव, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव तथा असम प्रभारी भी हैं. संवेदना-घरौंदा के सभी बालक-बालिकाओं तथा स्टाफ की ओर से डायरेक्टर मीना मुकेश शर्मा ने लाडले आर्यमन को दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की शुभकामनाएं दी हैं.
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