आचार्य चाणक्य ने अपने नीतिशास्त्र यानी ‘चाणक्य नीति’ में मनुष्य के जीवन से जुड़े अनेकों पहलुओं के बारे में लिखा है. चाणक्य नीति के अनुसार, इंसान के स्वभाव में अगर तीन चीजें आ जाती हैं तो उसकी बर्बादी निश्चित हो जाती है. आचार्य चाणक्य ने कहा है, अहंकार, क्रोध और लालच इंसान की काबीलियत को खा जाते हैं. जिस व्यक्ति के ऊपर ये तीन चीजें हावी हो जाएं तो उस व्यक्ति को तबाह होते ज्यादा देर नहीं लगती है. ऐसे व्यक्ति की सोचने समझने की क्षमता नष्ट हो जाती है.
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चाणक्य के अनुसार, जिस व्यक्ति के स्वभाव में अहंकार आता है तो सबसे पहले उसके बातचीत करने का तरीका बदलता है. जब क्रोध आता है तो उसकी बुद्धि काम नहीं करती और मुख और क्रिया से नकारात्मक चीजें निकलती हैं. जबकि लालच मनुष्य को किसी भी तरह की सीमा को लांघने पर मजबूर कर देता है. ऐसा मनुष्य ना तो किसी का प्रिय होता है और ना ही उसे समाज और परिवार का साथ मिलता है. ऐसा मनुष्य अपने जीवन में सिर्फ और सिर्फ अकेला ही रह जाता है. इस कारण व्यक्ति को अपने स्वभाव में ये तीन चीजें कभी भी नहीं लानी चाहिए.
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