नई दिल्ली. तिलक लगाना हिन्दू धर्म का प्रतीक माना जाता है किसी भी धार्मिक कार्य को करने के समय तिलक लगाने का महत्व है. तिलक माथे पर लगाने के केवल धार्मिक ही नहीं मनोवैज्ञानिक कारण भी होते है. ऐसा करने से तन और मन दोनों शांत रहता है. इसलिए कोशिश करें जब मौका मिले आप माथे पर तिलक जरूर लगाए. माथे पर तिलक करने से व्यक्तित्व प्रभावशाली हो जाता है. दरअसल, तिलक लगाने का मनोवैज्ञानिक असर होता है, क्योंकि इससे व्यक्ति के आत्मविश्वास और आत्मबल में भरपूर इजाफा होता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंदन का तिलक लगाने से मनुष्य के पापों का नाश होता है. लोग कई तरह के संकट से बच जाते हैं.
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ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, तिलक लगाने से ग्रहों की शांति होती है. दिमाग में सेराटोनिन और बीटा एंडोर्फिन का स्राव संतुलित तरीके से होता है, जिससे उदासी दूर होती है और मन में उत्साह जागता है. यह उत्साह लोगों को अच्छे कामों में लगाता है. ललाट पर नियमित रूप से तिलक लगाने से मस्तक में तरावट आती है. लोग शांति व सुकून अनुभव करते हैं. यह कई तरह की मानसिक बीमारियों से बचाता है. हल्दी से युक्त तिलक लगाने से त्वचा शुद्ध होती है. हल्दी में एंटी बैक्ट्रियल तत्व होते हैं, जो रोगों से मुक्त करता है. माना जाता है कि चंदन का तिलक लगाने वाले का घर अन्न-धन से भरा रहता है और सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है. इससे सिरदर्द की समस्या में कमी आती है.
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