रजिंदर खनूजा
पिथौरा. बुंदेली के जंगल में अवैध शिकार करने वाले एक गिरोह को स्थानीय वन विभाग ने धर दबोचा. गिरोह के कुल चार आरोपियों में तीन गिरफ्तार किए गए हैं जबकि एक फरार बताया जा रहा है. वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को एक ग्रामीण ने क्षेत्र के वनरक्षक पुष्पा नेताम एवं डिप्टी रेंजर केके तिवारी को बुंदेली क्षेत्र के जंगल बेल्डीह एवं टिकरापारा के बीच दो भालू के मृत पड़े होने की सूचना दी. सूचना के बाद दोनों वनकर्मियों ने जंगल जाकर देखा तो घटनास्थल पर तार भी फैली दिखी. इसके बाद शिकार की संभावना देखकर घटना की जानकारी रेंजर यूआर बसंत एवं एसडीओ सीके टिकरिहा को दी. जानकारी मिलते ही दोनों अधिकारी डॉग स्क्वायड बुलाकर स्वयं घटनास्थल पहुंच गए.
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घटनास्थल का मुआयना करने पर वहां से करीब एक किलोमीटर लम्बी जीआई तार मिली जिसे ग्राम के पास के एक ट्रांसफॉर्मर से जोड़कर करंट प्रवाहित किया गया था. अफसरों ने डॉग स्क्वायड के पहुंचते ही आरोपियों की तलाश भी प्रारम्भ कर दी. डॉग स्क्वायड से विभाग के अधिकारियों को कुछ सूत्र हाथ लगे. डॉग घटना स्थल से एक ग्रामीण रामजी निषाद के घर तक जाकर रुके. बाद वन विभाग के मुखबिर ने रामजी के बारे में बताया कि वह पूर्व में भी शिकार के मामले में आरोपी रह चुका है. इसकी खबर मिलते ही विभागीय अमले ने आज मंगलवार सुबह रामजी के घर में दबिश देकर चीतल के सींग एवं तार का फंदा बनाने में प्रयुक्त खूंटी जब्त कर उससे पूछताछ की. पूछताछ में रामजी ने अपना अपराध कबूल कर अपने तीन अन्य साथियों के नाम भी बता दिए. रामजी निषाद पिता मनराखन गोंड़ (55) निवासी ग्राम छिंदोली, इनके साथी नैनसिंह पिता मनराखन (38) एवं देवलाल पिता सुभाष कुम्हार (35) से पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे जीआई तार जंगल में वन्य प्राणियों के आवागमन के रास्ते मे खूंटी और बोतल की सहायता से फैला देते एवं ट्रांसफॉर्मर से इन तारों में करंट प्रवाहित कर देते थे और स्वयं दूर से चीतल एवं जंगली सुअर के फंसने की प्रतीक्षा करते रहते.
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तारों के जाल में फंसकर जैसे ही कोई जानवर करंट से गिरता बोतल भी आपस मे टकराकर आवाज करती और शिकारी करंट निकालकर शिकार उठाकर ले जाते थे. रविवार की रात शिकारियों के जाल में एक नर एवं एक मादा भालू फंस गए और करंट की चपेट में आने से जान गंवा बैठे. बहरहाल, स्थानीय वन विभाग उक्त मामले में वन्य प्राणी संरक्षण अधिनयम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच में जुट गया है. पूरी घटना में प्रयुक्त जीआई एवं अन्य करंट प्रवाहित करने वाली तार, मांस काटने के औजार, खाली बोतल, लकड़ी की खूंटी और शाही के पंख आदि जब्त किए हैं. पूरे मामले में वन एसडीओ सीके टिकरिहा, रेंजर यूआर बसंत, डिप्टी रेंजर कृष्ण कुमार तिवारी, वन रक्षक पुष्पा नेताम एवं सुरेश नवरंग सहित वन अमले का योगदान रहा.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) August 4, 2020







