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एमजी कॉलेज खरसिया में दिया गया गलत प्रश्न-पत्र, मोबाइल टॉर्च में विद्यार्थी हल करने हुए विवश

Published on: March 8, 2020
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विष्णुचंद्र शर्मा

खरसिया. एमजी कॉलेज में शनिवार को एमए अंतिम की परीक्षा के दौरान परीक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को गलत प्रश्न-पत्र देने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है. वहीं इस बड़ी चूक को रफा-दफा करने उच्च स्तरीय प्रयास किए जा रहे हैं. परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थी वैसे भी मानसिक दबाव में रहते हैं, वहीं परीक्षकों की त्रुटि के कारण एक नहीं वरन लगातार दो बार परीक्षा देने की मजबूरी शासकीय महात्मा गांधी कॉलेज में विद्यार्थियों को झेलनी पड़ी. इतना ही नहीं अव्यवस्थाओं के कारण मोबाइल टॉर्च जलाकर परीक्षकों ने विद्यार्थियों की परीक्षा संपन्न करवाई. वहीं लगातार चार्जिंग डाउन होने की बात कहकर विद्यार्थियों का ध्यान भंग किया गया तथा पासिंग मार्क जितना लिख लेने पर उत्तर पुस्तिका जमा करने का दबाव भी बनाया गया.

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बताया जा रहा है कि रेगुलर स्टूडेंट एवं सुपर सपली के भिन्न-भिन्न प्रश्न पत्र वितरित करने थे. जिनका कोड एएच एवं एएचओ साफ तौर पर लिखा हुआ भी था. पर परीक्षकों ने लापरवाहीपूर्वक प्रश्नपत्रों की अदला बदली कर दी. हालांकि दोनों ही प्रश्न पत्र एक ही विषय के थे. ऐसे में विद्यार्थियों ने जैसे तैसे प्रश्न पत्र का हल किया, पर उत्तर पुस्तिका जमा करने के पश्चात जब विद्यार्थियों ने एक दूसरे के प्रश्न पत्रों को देखा तो विद्यार्थी चौंक गए. ऐसे में उन्होंने उपस्थित प्रोफेसर से बात की. तब अपनी गलती को छुपाने के लिए प्रोफेसर्स द्वारा आनन-फानन में 5 विद्यार्थियों की दोबारा परीक्षा भी ली गई. वहीं विद्यार्थियों का आरोप है कि उन्हें दोबारा उत्तर लिखने के लिए 3 घंटे का समय ना देकर महज एक-सवा घंटे में ही उत्तर पुस्तिका भी छीन ली गई.

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जानकारी देने से कतरा रहे केंद्राध्यक्ष

इस बाबत जब केंद्राध्यक्ष प्रोफेसर सरला जोगी से बात की गई तो उन्होंने कोई भी जानकारी देने की बनिस्बत कहा कि मैंने यूनिवर्सिटी को जानकारी दे दी है, आप वहीं बात कर लेवें. ऐसे में साफ तौर पर परिलक्षित हो रहा है कि बात को दबाया जा रहा है. वहीं एक बड़ा प्रश्न यह खड़ा हो गया है कि उच्च शिक्षामंत्री मंत्री उमेश पटेल के नगर के कॉलेज में ही इतनी बड़ी लापरवाही करने के बाद दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी या फिर उन्हें छतरी की छांव के नीचे ही रखा जाएगा.

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