रजिंदर खनूजा
पिथौरा. नागपुर महाराष्ट्र से गुमला झारखण्ड जाने वाले 80 मजदूरों का एक जत्था रविवार रात 8 बजे बागबाहरा से यहां पहुँचा. प्रशासन को जानकारी मिलने के बाद उक्त मजदूरों को स्थानीय खेल मैदान के जिम्नेजियम हॉल में रोका गया है. ज्ञात हो कि नागपुर से भटकते हुए पिथौरा तक पहुंचे ये मजदूर सोमवार बाजार की भीड़ भाड़ में भी घूम चुके बताए जा रहे हैं. लॉकडाउन के लगातार आगे बढ़ने एवं और आगे भी लॉकडाउन की संभावनाओं को देखते हुए अन्य प्रांतों में काम के लिए गए मजदूर अब अपने घर वापस जा रहे हैं पर कोई भी साधन न होने से मजदूर पैदल साइकिल में या किसी मालवाहक से किस्तों में लिफ्ट लेकर जैसे-तैसे अपने घर पहुंचने की कोशिश में लगे हैं.
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ऐसे ही 80 मजदूरों का एक जत्था रविवार रात पिथौरा पहुंचा. यहां खेल मैदान के जिम्नेजियम हाल में इन्हें ठहराया गया है. इन्हें समीप के सुलभ शौचालय का उपयोग करने की अनुमति दी गई है. इस मोहल्ले के वासी इस प्रशासनिक व्यवस्था से खासे नाराज दिखे. झारखण्ड के 80 मजदूरों ने बताया कि वे दो दिन पहले नागपुर से निकले हैं और लगातार किस्तों में मालवाहक ट्रकों में थोड़ी-थोड़ी दूरी तय कर कल भिलाई पहुंचे थे. पर यहां पुलिस ने उन्हें दिन भर रोक लिया और वहाँ से कुछ ट्रकों में बैठाकर ओड़िशा सीमा तक छोड़ने भेजा पर ट्रक वालों ने उन्हें सराईपाली के पास ओड़िशा सीमा की बजाय बागबाहरा के पास ओड़िशा सीमा में छोड़ा. इसके बाद रात में ही बागबाहरा पुलिस की नजर उन पर पड़ी तब उन्होंने दो बसों से रविवार रात ही पिथौरा यह कहकर भेज दिया कि पिथौरा से झारखण्ड के लिए वाहन मिल जाएगी.
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इसके बाद सुबह से ये मजदूर पिथौरा पहुंचकर साप्ताहिक बाजार की भीड़ के बीच घूमते रहे. कुछ लोगों ने जब इन्हें देखा तो प्रशासन को खबर की तब भी इन्हें किसी क्वॉरंटाइन सेंटर ले जाने की बजाय नगर की आबादी के बीच स्थित खेल मैदान में स्थित जिम्नेजियम हॉल में रोक दिया. दूसरी ओर उक्त मजदूरों की देखरेख में लगे एसडीओपी पुपलेश कुमार ने बताया कि सुबह मजदूरों को घूमते देख तत्काल इन्हें मैदान में लाकर रखा गया है. करीब 80 मजदूर हैं जो नागपुर से गुमला झारखण्ड जाने के लिए निकले हैं. मजदूर भूखे-प्यासे हैं. इनके लिए सिक्ख समाज द्वारा सुबह चाय-नास्ता दिया गया है. अब वे यहीं इनके लिए खाना बनवा रहे हैं. खाना खिलाकर झारखण्ड जाने वाली दो ट्रकों में इन्हें भेजा जाएगा.
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