नई दिल्ली. विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रमुख वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि देश के कई ऐसे हिस्से हैं जहां कोरोना संक्रमण पीक पर नहीं पहुंचा है और वहां मामले अभी भी बढ़ रहे हैं. स्वामीनाथन ने राष्ट्रीय स्तर पर ऊंची सकारात्मकता दर पर भी चिंता जताते हुए कहा कि यह इस बात का संकेत है कि अभी हालात और खराब हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि कुल जांच में से 20 फीसदी की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है. ऐसे में जब आप ऊंची सकारात्मकता दर देखते हैं तो इसका मतलब साफ है कि हम पर्याप्त संख्या में जांच नहीं कर रहे हैं. इसलिए आंकड़ों का कोई मतलब नहीं है जब तक ये इस परिप्रेक्ष्य में न हों कि कितनी संख्या में जांच हो रही हैं.
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स्वामीनाथन ने संभावना जताई है कि भारत में कोरोना संक्रमण की अभी और नई लहरें आ सकती हैं. उन्होने कहा कि आगामी 6 से 18 महीने कोरोना के खिलाफ जंग में भारत के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं. इसके बाद ही नियंत्रण या महामारी को जड़ से मिटाने के लिए लंबी योजना पर बात करनी चाहिए. उन्होने कहा कि यह बात समझनी बहुत जरूरी है कि सही इलाज लिया जाए. गलत दवा के इस्तेमाल से फायदे से ज्यादा नुकसान हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि 2021 के अंत तक जब दुनिया की करीब 30 फीसदी आबादी को टीका लग जाएगा, तब इसके अंत की शुरुआत हो सकती है.
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