नई दिल्ली. गोवा सरकार ने कोरोना मरीजों के इलाज में आइवरमेक्टिन (Ivermectin) दवा के इस्तेमाल की मंजूरी दे थी. लेकिन अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की चीफ साइंटिस्ट डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन ने इस दवा के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी है. उनके मुताबिक ये दवाई सुरक्षित नहीं है. उन्होने ट्वीट कर कहा कि- किसी भी नई बीमारी के लिए इस्तेमाल हो रही दवाइयों की सुरक्षा और प्रभावकारिता जरूरी होती है. डब्ल्यूएचओ क्लीनिकल ट्रायल के इतर कोविड के इलाज में आइवरमेक्टिन के इस्तेमाल के खिलाफ है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अलावा जर्मन हेल्थकेयर एंड लाइफ साइंसेज़ Merck भी कोरोना रोगियों के लिए Ivermectin के इस्तेमाल को मना कर चुका है.
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कंपनी के मुताबिक, प्री-क्लिनिकल जांच में कोरोना के इलाज में Ivermectin का प्रभाव नहीं देखने को मिला है. बता दें कि इस साल फरवरी में मर्क ने कोरोना के मरीजों पर आइवरमेक्टिन के इस्तेमाल को लेकर रिपोर्ट छापी थी. इसके मुताबिक क्लीनिकल ट्रायल में इस बात के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं कि ये दवाई कोरोना के मरीजों पर काम करती है. साथ ही कंपनी की तरफ से वैज्ञानिकों ने भी कहा था कि ये दवा क्लीनिकल ट्रायल में कितनी सुरक्षित है इसके डेटा भी नहीं मिले हैं. अमेरिका में ये दवा STROMECTOL के नाम से मिलती है. दावा किया गया है कि इसके कई गंभाीर साइड इफेक्ट हैं. पिछले दो महीने के दौरान WHO ने दूसरी बार आइवरमेक्टिन के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी है.
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